3690fe3e8ae74bacf4c3cfed769d50b2">
---
राष्ट्रीय स्तर पर: “Registration Bill, 2025” (ड्राफ्ट)
ड्राफ्ट “Registration Bill, 2025” मई 2025 में पेश किया गया था, जो संगठित रूप से पुराने Registration Act, 1908 को डिजिटल, ऑनलाइन और नागरिक-केंद्रित प्रणाली से बदलने का प्रस्ताव करता है ।
इसके मुख्य प्रावधान:
ऑनलाइन रजिस्ट्री, दस्तावेज़ों की इलेक्ट्रॉनिक प्रस्तुति, इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्री सर्टिफिकेट, और डिजिटल रिकॉर्डिंग को लागू करना ।
अब हर प्रकार के अस्थिर संपत्ति सौदे (जैसे: बेचने के समझौते, प्रमोटर/डेवलपर एग्रीमेंट, पावर ऑफ़ अटॉर्नी आदि) को पंजीकृत करना अनिवार्य किया जाएगा—संस्थानिक ₹100 की सीमा अब खत्म हो गई है ।
आधार आधारित सत्यापन सहमति पर होगा, विकल्प भी उपलब्ध रहेंगे—मात्र आधार से बंधना ज़रूरी नहीं ।
परामर्श प्रक्रिया: इस ड्राफ्ट पर आम जनता से सुझाव आमंत्रित किये गए थे—मई 27, 2025 को जारी, और सुझाव मंगवाए गए थे (30 दिन की अवधि के भीतर), यानी 25 जून 2025 तक ।
---
राज्य-स्तरीय हाल के बदलाव
कर्नाटक में हाल ही (14 अगस्त 2025) एक संशोधन विधेयक पारित हुआ—जिससे सरकारी आवंटित ज़मीन और बैंक मॉर्टगेज की ऑनलाइन पंजीकरण को इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर के आधार पर अनुमति मिली। निजी लेन-देन में अभी भी व्यक्तिगत उपस्थिति ज़रूरी है ।
तेलंगाना में अब मंजूर किया जा रहा है 14-डिजिट भू-धार (ULPIN), जिससे हर ज़मीन का एक यूनिक डिजिटल पहचान कोड मिलेगा—इससे रिकॉर्डिंग, पारदर्शिता और प्रभावी योजना बनाना आसान होगा ।
तमिलनाडु ने “presenceless” रजिस्ट्रेशन सिस्टम लागू करने की योजना बनाई है—जिसमें खरीदार और डेवलपर को ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिलेगी; कार्यालय यात्रा की ज़रूरत आधिकारिक सत्यापन के बाद ही होगी ।
चंडीगढ़ को “Land Stack” परियोजना का पायलट के रूप में चयनित किया गया है—यह एक ब्लॉकचेन-सक्षम, एकीकृत और पारदर्शी डिजिटल भूमि रिकॉर्ड डेटाबेस होगा ।
तेलंगाना (फिर से): कोर शहरी क्षेत्रों की रजिस्ट्री मूल्य (registry value) में 30–50 % तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे ₹2,000–2,500 करोड़ अतिरिक्त राजस्व का अनुमान है ।
---
बिहार (और अन्य राज्यों) में प्रभाव—जैसे नियम संभवतः लागू
कुछ स्थानीय समाचारों के अनुसार, 1 जुलाई 2025 से ज़मीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया में बड़े बदलाव लागू हुए—जिसमें:
बायोमेट्रिक सत्यापन (Aadhaar + फ़िंगरप्रिंट) अनिवार्य।
सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना ज़रूरी।
भुगतान पूरी तरह ऑनलाइन माध्यमों (UPI, नेट बैंकिंग) से ही संभव।
रजिस्ट्री की डिजिटल कॉपी उपलब्ध कराने का प्रावधान ।
---
सारांश तालिका
स्तर नियम / पहल विवरण
राष्ट्रीय (ड्राफ्ट बिल) Registration Bill, 2025 ऑनलाइन, कागज़ रहित पंजीकरण; सभी सौदों को शामिल; आधार सत्यापन विकल्प; डिजिटल रिकॉर्ड
राज्य — कर्नाटक Online govt land registration इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर से राजकीय ज़मीन / मॉर्टगेज
राज्य — तेलंगाना 14-digit ULPIN यूनिक भूमि पहचान, प्लानिंग और पारदर्शिता में सुधार
राज्य — तमिलनाडु Presenceless registration ऑनलाइन खरीदार/डेवलपर प्रक्रिया, ऑफिस यात्रा घटाएँ
राज्य — चंडीगढ़ Land Stack Pilot ब्लॉकचेन आधारित एकीकृत भूमि रिकॉर्ड सिस्टम
स्थानिक (बिहार) 1 July 2025 नियम बायो-मेट्रिक, डिजिटल दस्तावेज़, ऑनलाइन भुगतान, डिजिटल कॉपी
---
आपकी क्या करें?
1. यदि आपकी संपत्ति पुरानी दस्तावेजों पर आधारित है (जैसे PoA, mismatched नाम आदि), तो रवानी मिलते ही सुधार कर लें, ताकि नए डिजिटल सिस्टम में कोई बाधा न आए ।
2. जो नियम आपके राज्य (जैसे बिहार/उत्तर प्रदेश) में लागू हुए हों, उनमें शामिल रूप, दस्तावेज़, समय-सारिणी और प्रक्रिया की जानकारी अपने नजदीकी उप-रजिस्ट्रार कार्यालय या आधिकारिक पोर्टल से लें।
3. यदि आप NRI हैं, ध्यान दें—इन बदलावों से दूर से संपत्ति प्रबंधन आसान होगा, लेकिन दस्तावेज़ी मेल, नाम/पता一致, खोज-पूछ सुनिश्चित करना आज ज़रूरी है ।
---
यदि आप किसी विशेष राज्य (जैसे उत्तर प्रदेश या बिहार) के नियम, प्रक्रिया या दस्तावेज़ सूची में रुचि रखते हों, तो कृपया बताएं—मैं उस राज्य के लिए विस्तृत जानकारी देने में भी मदद कर सकता हूँ।
---
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें