hardoi UP Outsourcing: योगी सरकार के इस फैसले से हरदोई के 3 हजार कर्मचारियों में खुशी की लहर, उत्पीड़न से मिलेगी मुक्ति
आपके बताए अनुसार, हरदोई के लगभग 3,000 आउटसोर्स कर्मचारी इस निर्णय से उत्साहित हैं क्योंकि उन्हें उत्पीड़न से राहत मिलने की उम्मीद है—जो कि हाल में यूपी सरकार द्वारा आउटसोर्स सेवा निगम (Uttar Pradesh Outsource Service Corporation Limited) के गठन के फैसले का एक सकारात्मक पहलू है ।
मुख्य बिंदु कौन-कौन से?
हरदोई में राहत
लगभग 3,000 आउटसोर्स कर्मचारियों को अब प्रतिमाह वेतन में कटौती और एजेंसियों द्वारा हो रहे उत्पीड़न से मुक्ति मिलने की उम्मीद है ।
केंद्रीयीकृत और पारदर्शी प्रणाली
पूरे राज्य में आउटसोर्सिंग एजेंसियों के चयन और भर्ती की जिम्मेदारी अब एक नॉन-प्रॉफिट कंपनी—आउटसोर्स सेवा निगम—के अंतर्गत होगी, जो GeM पोर्टल के माध्यम से एजेंसियों को पैनल करेगी ।
तनख्वाह और संरक्षित व्यवस्था
कर्मचारियों को प्रति माह ₹16,000–₹20,000 वेतन मिलेगा, जो सीधे उनके बैंक खातों में 1 से 5 तारीख के बीच जमा होगा। साथ ही, EPF और ESI जैसे लाभों की गारंटी दी जाएगी ।
सामाजिक सुरक्षा और आरक्षण
इस नई व्यवस्था में SC, ST, OBC, EWS, दिव्यांगजन, पूर्व सैनिकों और महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित होगा। महिलाओं को मातृत्व अवकाश मिलेगा और दुर्घटना या सेवा के दौरान मृत्यु की स्थिति में ₹15,000 अंतिम सहायता प्रदान की जाएगी ।
कुशलता और जवाबदेही
भर्ती के लिए अब लिखित परीक्षा और इंटरव्यू होंगे, जिससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहेगी। एजेंसियों पर नियमों का उल्लंघन होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी—जैसे पैनल से हटाना आदि ।
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निष्कर्ष
हरदोई में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए यह बदलाव एक बड़ी राहत की बात है। वेतन में सुधार, सामाजिक सुरक्षा, और नियोजन में पारदर्शिता के साथ, यह निर्णय अब उन्हें कई तरह के उत्पीड़न और कटौतियों से सुरक्षा प्रदान करेगा। यह सिर्फ व्यक्तिगत कर्मियों के लिए नहीं, बल्कि पूरे राज्य में प्रशासनिक सुधार और बेहतर शासन का संकेत है।
यदि आप चाहें, तो मैं आपको यह भी बता सकता हूँ कि ये सुधार अन्य जिलों में कैसे लागू होंगे, या इस योजना से जुड़ी तुलना अन्य राज्यों से कैसे की जा सकती है—आप किस दिशा में जानकारी चाहते हैं?
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