यूपी में पैतृक संपत्ति का बंटवारा हो गया आसान, सिर्फ इतना शुल्क लगेगा; योगी कैबिनेट में फैसला

 आपकी जानकारी बिल्कुल सही है—उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में पारिवारिक (पैतृक) संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया को बेहद आसान और किफायती बना दिया है। कैबिनेट ने इस संबंध में महत्वपूर्ण फैसला लिया है:



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नया फैसला — क्या है इसमें खास?


स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क अब मिलाकर ₹10,000 मात्र:

अब पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे के लिए ₹5,000 स्टांप ड्यूटी और ₹5,000 पंजीकरण शुल्क भरना होगा। पहले यह दोनों शुल्क मिलाकर संपत्ति की कीमत का 5% तक हो जाते थे—Noida में तो 7% भी—जिससे लोग विभाजन के दस्तावेज़ पंजीकृत कराने से हिचकिचाते थे।



लागत की यह व्यवस्था चार पीढ़ियों तक की किसी भी मूल्य की संपत्ति पर लागू होगी और यदि सभी वारिस आपसी सहमति से विभाजन कर रहे हों तो इस शुल्क का लाभ मिलेगा।



शासनादेश जल्द जारी होगा, जिसके बाद यह नियम प्रभावी माना जाएगा।




सरकार के दृष्टिकोण और असर


इस बदलाव से पहली बार में सरकार को लगभग ₹5.58 करोड़ स्टांप ड्यूटी और ₹80.67 लाख पंजीकरण फीस का राजस्व नुकसान हो सकता है; लेकिन, सरकार का मानना है कि अब अधिक पारिवारिक बंटवारे रजिस्टर्ड होंगे और लंबी अवधि में राजस्व में सुधार होगा।



इस कदम से पारिवारिक विवादों में कमी आएगी, कोर्ट में मामलों का बोझ घटेगा, भूमि और राजस्व रिकॉर्ड अपडेट होंगे और संपत्ति लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ेगी।





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संक्षेप में


पहलू विवरण


शुल्क ₹5,000 स्टांप + ₹5,000 पंजीकरण = ₹10,000

लागू कब से होगा शासनादेश जारी होते ही

लाभ जिम्मेदार दस्तावेजीकरण, विवादों में कमी, पारदर्शिता

अनुमानित राजस्व हानि ₹5.58 करोड़ (स्टांप) + ₹80.67 लाख (पंजीकरण)




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यदि आप विवरण या लागू होने की तारीख जानना चाहें—जैसे कि शासनादेश कब जारी होगा—तो मैं आगे और जानकारी खोजकर आपके लिए दे सकता हूँ।


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