UP News: सीएम योगी ने प्रदेशवासियों को संस्कृत सप्ताह की दी बधाई, बोले- स्कूलों, घरों समेत सभी जगह करें प्रचारld
UP News: सीएम योगी ने प्रदेशवासियों को संस्कृत सप्ताह की दी बधाई, बोले- स्कूलों, घरों समेत सभी जगह करें प्रचार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेशवासियों को संस्कृत सप्ताह की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संस्कृत भारत की आत्मा और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस अवसर पर संस्कृत के प्रचार-प्रसार में सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि आने वाली पीढ़ियों तक यह अमूल्य धरोहर सुरक्षित और जीवंत बनी रहे।
सीएम योगी ने अपने संदेश में कहा कि संस्कृत सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, दार्शनिक और आध्यात्मिक परंपराओं की आधारशिला है। उन्होंने कहा, "संस्कृत हमारे ऋषि-मुनियों की वाणी है, जिसमें वेद, उपनिषद, पुराण और महाकाव्यों जैसी अमूल्य रचनाएँ संजोई गई हैं। यह भाषा ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति की गहरी जड़ों से जुड़ी हुई है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत सप्ताह के दौरान हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने बच्चों को संस्कृत का महत्व समझाएँ और उन्हें इसके अध्ययन के लिए प्रेरित करें। उन्होंने शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि स्कूलों में विशेष रूप से संस्कृत दिवस, कविता पाठ, निबंध प्रतियोगिता और भाषण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
संस्कृत का महत्व
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संस्कृत भाषा भारत की विविध भाषाओं की जननी है और इसका अध्ययन हमें न केवल प्राचीन ज्ञान से जोड़ता है, बल्कि आधुनिक विज्ञान, गणित और तकनीकी में भी योगदान देता है। उन्होंने बताया कि आज दुनिया के कई विश्वविद्यालय संस्कृत पर शोध कर रहे हैं, और विदेशी छात्र भी इसकी गहराई को समझने के लिए भारत आते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि हम संस्कृत को जीवन का हिस्सा बना लें, तो हमारी सांस्कृतिक पहचान और भी मजबूत होगी। "हमें अपने घरों में रोज़ कुछ समय संस्कृत बोलने और सुनने की आदत डालनी चाहिए। जैसे घर में अभिवादन ‘नमस्ते’ और ‘सुप्रभात’ के साथ-साथ ‘सुप्रभातम्’ कहा जाए, तो बच्चे सहज ही संस्कृत से परिचित हो जाएंगे," उन्होंने सुझाव दिया।
स्कूलों, घरों और समाज में प्रचार
सीएम योगी ने कहा कि संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए केवल सरकारी प्रयास ही नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग भी जरूरी है। उन्होंने धार्मिक और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे संस्कृत सप्ताह के दौरान विशेष कार्यक्रम आयोजित करें, जैसे संस्कृत नाटकों का मंचन, भजन-कीर्तन और श्लोक पाठ।
उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया, विशेषकर टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, संस्कृत सप्ताह के कार्यक्रमों को प्रमुखता से प्रसारित करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ें।
राज्य सरकार के प्रयास
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए कई योजनाएँ चला रही है। स्कूलों में संस्कृत शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं और संस्कृत शिक्षकों की भर्ती पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा, संस्कृत विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में आधुनिक तकनीक के माध्यम से पढ़ाई को आसान और रोचक बनाने की दिशा में कार्य हो रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कई संस्कृत विद्वानों को सम्मानित किया है और उनके शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। "हमारा लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश संस्कृत अध्ययन और शोध का प्रमुख केंद्र बने," उन्होंने कहा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्कृत का सम्मान
सीएम योगी ने कहा कि आज दुनिया के कई देशों में संस्कृत के प्रति रुचि बढ़ रही है। अमेरिका, जर्मनी, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में संस्कृत पढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह हम भारतीयों के लिए गर्व की बात है कि हमारी यह प्राचीन भाषा अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी सम्मान पा रही है।
लोगों से अपील
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से कहा कि संस्कृत सप्ताह के दौरान वे किसी न किसी रूप में इस भाषा को अपने जीवन में अपनाएँ। चाहे वह श्लोक पाठ हो, संस्कृत में संवाद हो, या सोशल मीडिया पर संस्कृत में पोस्ट करना—हर प्रयास इस भाषा को जीवित रखने में योगदान देगा।
उन्होंने कहा, "संस्कृत हमारी विरासत है। इसे सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी का कर्तव्य है। अगर हम मिलकर प्रयास करेंगे, तो यह भाषा आने वाली पीढ़ियों में भी उतनी ही जीवंत और प्रेरणादायक बनी रहेगी, जितनी हमारे इतिहास में रही है।"
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